प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आर्थिक सुधारों और व्यापार सशक्तिकरण का स्वर्णिम युग : खंडेलवाल
मोदी सरकार के 11 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं, यह समय है कि हम गर्व के साथ भारत द्वारा व्यापार, वाणिज्य और आर्थिक विकास में हासिल की गई ऐतिहासिक प्रगति पर चिंतन करें। *चांदनी चौक से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने इस अवधि को “आर्थिक सुधारों, व्यापारियों के सशक्तिकरण और समावेशी विकास का स्वर्णिम युग” करार दिया वहीं देश में उपभोक्ताओं के अधिकारों के संरक्षण में भी कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। आज नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, श्री अजय खटाना एवं श्री अरविंन्द गर्ग, क्रमशः केशव पुरम एवं चांदनी चौक के भाजपा जिला अध्यक्ष, प्रेस वार्ता में उपस्थित रहे। उनके साथ विधायकगण श्री अशोक गोयल (मॉडल टाउन), श्रीमती पूनम शर्मा (वज़ीरपुर), श्री तिलक राम गुप्ता (त्रिनगर), एवं श्री राजकुमार भाटिया (आदर्श नगर) भी उपस्थित रहे।”
श्री खंडेलवाल ने कहा की “प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में पिछले 11 वर्षों में भारत एक वैश्विक आर्थिक शक्ति बनकर उभरा है। जीएसटी,इंसोल्वेंसी कोड , डिजिटल इंडिया, और राष्ट्रीय कौशल विकास मिशन जैसे ऐतिहासिक सुधारों ने अभूतपूर्व पारदर्शिता और व्यापार में सुगमता प्रदान की है। पहली बार देश के आर्थिक एजेंडे के केंद्र में व्यापारी और छोटे व्यवसाय आए हैं।”
श्री खंडेलवाल ने बताया कि भारत ने वर्ल्ड बैंक की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में 2014 में 142वें स्थान से 2024 में 63वें स्थान तक पहुंच कर 79 पायदानों की ऐतिहासिक छलांग लगाई, जो देश में स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स और सरकारी प्रक्रियाओं के सरलीकरण का प्रमाण है। यूपीआई (UPI) के माध्यम से प्रतिमाह 14 अरब से अधिक लेन-देन हो रहे हैं, जिससे खुदरा भुगतान प्रणाली में क्रांति आई है और छोटे से छोटे दुकानदार भी डिजिटल हो सके हैं। आज भारत विश्व का सबसे बड़ा रियल टाइम पेमेंट्स बाजार बन चुका है।
43 करोड़ से अधिक मुद्रा लोन स्वीकृत किए गए, जिनकी कुल राशि ₹25.75 लाख करोड़ है, जिससे जमीनी स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा मिला है।
स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत 1.25 लाख से अधिक स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं, जिससे भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन गया है।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि भारत ने 2023-24 में कुल $778 अरब (वस्तुएं व सेवाएं मिलाकर) का निर्यात किया, जो अब तक का सर्वोच्च है और यह हमारे निर्यात क्षेत्र की मजबूती और विविधता को दर्शाता है।उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना (PLI) के तहत 14 प्रमुख क्षेत्रों में ₹1.97 लाख करोड़ का निवेश हो रहा है, जिससे घरेलू विनिर्माण को बल मिल रहा है और आयात पर निर्भरता घट रही है।
पीएम गतिशक्ति के अंतर्गत 16,000 से अधिक इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को जोड़ा गया है, जिससे कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स में समन्वय बना है। भारतमाला और सागरमाला परियोजनाएं भारत के राजमार्ग और बंदरगाह नेटवर्क को नया आकार दे रही हैं, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत जीडीपी के 4% तक कम हुई है।जीएसटी ने 17 करों और 23 उपकरों को समाप्त कर ‘एक देश, एक कर, एक बाजार’ की परिकल्पना को साकार किया है। जीएसटी संग्रह लगातार ₹2 लाख करोड़ प्रति माह से अधिक हो रहा है, जो मजबूत अनुपालन और औपचारिकता का प्रतीक है और इसमें 16.4% की वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई है।
श्री खंडेलवाल ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी की ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की सोच ने भारतीय व्यापारियों को एक नई पहचान दी है। चांदनी चौक से लेकर चेन्नई तक लाखों छोटे व्यवसाय आज भारत की वैश्विक आकांक्षाओं में आत्मविश्वास से भागीदारी कर रहे हैं।”
उन्होंने यह भी कहा कि कोविड-19 महामारी, रूस-यूक्रेन युद्ध और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में रुकावटों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्था बना रहा, जिसका 2023-24 में जीडीपी विकास दर 8.2% रही, जो खपत, निवेश और मजबूत घरेलू मांग के कारण संभव हो पाया।
“व्यापारिक समुदाय का प्रतिनिधि होने के नाते मैं मानता हूं कि ये 11 वर्ष भारत के स्वर्णिम शताब्दी की शुरुआत है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत 2027 तक $5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने और वैश्विक व्यापार व नीति का ‘विश्वगुरु’ बनने की ओर अग्रसर है,” श्री खंडेलवाल ने कहा।
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