देश भर में परंपरा और तकनीक के संगम के साथ आज मनाई दीपावली, व्यापारियों ने किया धूमधाम से गणेश–लक्ष्मी तथा आधुनिक उपकरणों का पूजन इस वर्ष से स्वदेशी भारतीय दिवाली का हुआ आगाज
आज पूरे देश में दीपावली का पर्व हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया। देश के प्रत्येक कोने में दीपों की रौशनी, उल्लास और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। यह पर्व केवल रोशनी और आनंद का नहीं बल्कि समृद्धि, परिश्रम और व्यापार के सम्मान का प्रतीक है।
व्यापारी समुदाय के लिए दीपावली का विशेष महत्व है, क्योंकि इस दिन व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों पर भगवान श्री गणेश और माँ लक्ष्मी की पूजा कर शुभ शुरुआत करते हैं। आज दोपहर 1:38 बजे से आरंभ हुए शुभ मुहूर्त में देशभर के व्यापारिक प्रतिष्ठानों, बाजारों और संस्थानों में विधिवत पूजन किया गया।दिल्ली सहित देश भर के बाज़ार सजाए गए वहीं व्यापारियों ने भी अपनी दुकानों को फूलों एवं अन्य सजावटी सामान से खूबसूरती से सजाया।इस पर्व की सबसे अनुपम विशिष्टता यह रही की दुकानों पर व्यापारियों ने अपने सभी वर्गों के कर्मचारियों को भी साथ में लेकर दिवाली पूजन किया।
देश के व्यापारिक समुदाय के शिखर संगठन कन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) के नई दिल्ली स्थित मुख्यालय में देश भर के व्यापारियों की ओर से सम्पूर्ण विधि विधान के साथ प्रकांड पंडितों द्वारा दिवाली पूजन बड़े ज़ोर शोर से किया गया और भारत की समृद्धि एवं वैभव की प्रार्थना की गई।देश में कुछ स्थानों पर कल दिवाली मनाई जाएगी किंतु अयोध्या, काशी, उज्जैन, मथुरा -वृंदावन, द्वारका आदि धर्म नगरियों में आज दिवाली मनाई गई ।
चांदनी चौक से सांसद तथा कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया कि इस वर्ष की दीपावली की सबसे अनोखी झलक यह रही कि जहां एक ओर व्यापारियों ने पारंपरिक विधि से पूजा अर्चना की, वहीं दूसरी ओर आधुनिक युग के उपकरणों — मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप, टैबलेट, ईयरफोन, कैश टेलर मशीन और अन्य डिजिटल व्यापारिक साधनों का भी पूजन किया गया जिससे व्यापार के आधुनिकीकरण का एक बड़ा संदेश दिया गया।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि इस परंपरा ने यह संदेश दिया कि आज का भारतीय व्यापारी परंपरा और प्रौद्योगिकी दोनों को समान रूप से सम्मान देता है।जहाँ दीपक की लौ ‘संस्कार’ का प्रतीक है, वहीं लैपटॉप और मोबाइल आज के ‘ज्ञान और नवाचार’ के प्रतीक हैं। यह अनूठा संगम आधुनिक भारत के आत्मनिर्भर और स्वदेशी व्यापार की सशक्त तस्वीर प्रस्तुत करता है जिसका आव्हान प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने किया है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि “आज का भारतीय व्यापारी केवल लाभ नहीं, बल्कि संस्कृति, परंपरा और तकनीकी प्रगति — इन तीनों के संतुलन से राष्ट्रनिर्माण में योगदान दे रहा है। दीपावली का यह पर्व उसी भावना का उत्सव है।”
देशभर के बाजारों में आज रौनक अपने चरम पर रही। दुकानों पर पूजा के साथ–साथ ग्राहकों को प्रसाद और मिठाइयाँ बाँटी गईं।जहाँ पारंपरिक पूजा में माँ लक्ष्मी से समृद्धि की कामना की गई, वहीं आधुनिक उपकरणों की पूजा से व्यापारियों ने “डिजिटल इंडिया – स्वदेशी इंडिया” के सपने को साकार करने का संकल्प लिया।
दीपावली का यह संगम प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विज़न के अनुरूप और उनके सक्षम नेतृत्व में संस्कार और तकनीक का, परंपरा और प्रगति का — भारत के नए आर्थिक युग की दिशा एवं दशा को दर्शाता है।
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