इस वर्ष स्वदेशी भारतीय दिवाली — मोदी के स्वदेशी आह्वान और जीएसटी रियायतों ने मचाया धमाल व्यापार में रिकॉर्ड तोड़ बिक्री — पाँच लाख करोड़ रुपये के व्यापार का आंकड़ा पार होना तय
दिवाली मनाने की तारीख़ों के बीच चल रहे भ्रम के माहौल में, शास्त्र सम्मत मत और प्रकांड विद्वानों की सलाह के बाद कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की घोषणा के अनुरूप देश भर के व्यापारी कल 20 अक्तूबर को ही धूमधाम से दिवाली मना रहे हैं।अपने प्रतिष्ठानों व घरों में श्री गणेश–महालक्ष्मी का पूजन करेंगे।स्थानीय परिस्थितियों के चलते कुछ क्षेत्रों में 21 अक्तूबर को भी दिवाली मनाई जाएगी, परंतु अयोध्या, वाराणसी, उज्जैन, मथुरा सहित देश की प्रमुख धार्मिक नगरियों में 20 अक्तूबर को ही दीपोत्सव का पर्व मनाया जाएगा।
दिल्ली के चांदनी चौक से सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवालने कहा कि इस वर्ष दिवाली पर देशभर में त्यौहारी बिक्री का आंकड़ा 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुँचने का अनुमान है, जो अर्थव्यवस्था में पूंजी प्रवाह को तीव्र गति देगा, व्यापार को प्रोत्साहित करेगा और उपभोक्ता बाजार में नई ऊर्जा का संचार करेगा।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के “स्वदेशी” आह्वान से प्रेरित होकर कैट ने इस वर्ष को “स्वदेशी भारतीय दिवाली” के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। इसके तहत कैट द्वारा चलाया गया राष्ट्रीय अभियान “भारतीय सामान — हमारा स्वाभिमान” देशभर में अत्यंत सफल रहा है। देश के कोने–कोने में व्यापारी केवल भारतीय उत्पादों को बढ़ावा दे रहे हैं और उपभोक्ताओं में “मेक इन इंडिया” के प्रति गर्व और आत्मविश्वास की भावना गहराई तक पहुँची है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि जीएसटी दरों में प्रधानमंत्री मोदी सरकार द्वारा की गई व्यापक रियायतों ने व्यापार जगत को नई ताकत दी है और स्वदेशी उत्पादों को अपनाने में निर्णायक भूमिका निभाई है।
परिणामस्वरूप, इस बार विदेशी और विशेषकर चीनी सामान का कहीं नामोनिशान नहीं है।कैट द्वारा 2021 से चलाया जा रहा “चीनी सामान के बहिष्कार” अभियान अब देशव्यापी आंदोलन का रूप ले चुका है — व्यापारी भी प्रतिबद्ध हैं और उपभोक्ता भी अब चीनी वस्तुओं से पूरी तरह दूर हो गए हैं।
देशभर के बाजारों में इस समय खचाखच भीड़ है। ग्राहक देखकर और परखकर खरीदारी करने की पुरानी “टच एंड फील” परंपरा में लौट आए हैं, जिससे ऑनलाइन बिक्री को तगड़ा झटका लगा है। व्यापारी खुश हैं, ग्राहक प्रसन्न — और इस बार की दिवाली ने व्यापारिक इतिहास का नया रिकॉर्ड बना दिया है।
प्रमुख वस्तुएँ जिनकी बिक्री में जबरदस्त उछाल आया है उनमें मुख्य रूप से मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, फल, खाद्यान्न, परिधान, टेक्सटाइल्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, मोबाइल, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, ऑटोमोबाइल, टू-व्हीलर, ज्वैलरी, सोना–चाँदी–सिक्के, गिफ्ट आइटम, सजावटी सामग्री, पूजन सामग्री, मिट्टी के दीये और लाइटिंग उत्पाद, फर्निशिंग फैब्रिक्स, प्रमुख रूप से शामिल हैं।
इसके साथ ही सेवा क्षेत्र में भी दिवाली ने नई जान फूँक दी है । ट्रांसपोर्ट, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स, कैटरिंग, इवेंट मैनेजमेंट, ब्यूटी सैलून, ट्रैवल, हॉस्पिटैलिटी और मनोरंजन क्षेत्र को इस त्यौहार से बड़ा आर्थिक लाभ हुआ है।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह त्यौहार केवल दीपों का नहीं बल्कि ‘स्वदेशी व्यापार’ के पुनर्जागरण का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश का व्यापार जगत अब पूरी तरह आत्मनिर्भर भारत के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
कैट की वेद एवं ज्योतिष समिति के अध्यक्ष और महाकाल नगरी उज्जैन के विद्वान आचार्य दुर्गेश तारे ने बताया कि 20 अक्तूबर को श्री महालक्ष्मी पूजन का श्रेष्ठ मुहूर्त दोपहर 1:38 बजे से सायं 7:30 बजे तक तथा रात्रि 10:38 बजे से 12:11 बजे तक रहेगा।
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