विदेशी सामानों के उपयोग से परहेज करने की प्रधानमंत्री मोदी की अपील का व्यापारियों ने किया स्वागत स्वदेशी उत्पादों के निर्माण एवं बिक्री को ज़्यादा सुविधा देने से अपील का होगा व्यापक असर
भाजपा सांसद और कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की विदेशी उत्पादों से परहेज करने की अपील का समर्थन करते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री की यह अपील केवल अर्थव्यवस्था से जुड़ी नहीं है, बल्कि यह आत्म-सम्मान, आर्थिक स्वतंत्रता और हमारे देश के स्थानीय उत्पादकों व व्यापारियों के सशक्तिकरण का आह्वान है। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ के प्रति उनके अटूट संकल्प को दर्शाती है—एक ऐसा भारत, जहां देशवासी स्वयं के बनाए उत्पादों का निर्माण, उपभोग और निर्यात करें।”
श्री खंडेलवाल ने कहा की प्रधानमंत्री श्री मोदी की अपील को कारगर बनाने के लिए जरूरी है कि व्यापारियों एवं निर्माताओं को ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस विज़न के अंतर्गत सिंगल विंडो व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए जिससे उनकी विभिन्न विभागों से संबंधित विषयों का एक ही स्थान पर हल हो वहीं कर एवं अन्य कानूनों एवं नियमों की पालना का बोझ भी कम से कम हो तथा इसके साथ ही आम उपयोग में आने वाली वस्तुएं जो विदेश से आती हैं उन पर ड्यूटी का अधिभार ज़्यादा हो जिससे उनका आयात कम हो और भारतीय सामान का निर्माण एवं उपयोग अधिक हो।
श्री खंडेलवाल ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की अपील का मूल भाव यह है कि भारतीय उत्पादों के ही उपयोग की श्रृंखला को शुरू करने हेतु हम कम से कम रोजमर्रा की जरूरतों के लिए स्वदेशी उत्पादों का ही उपयोग करें जिससे इस दिशा में एक सशक्त कदम तो बढ़े। अभी कुछ वस्तुओं के निर्माण हेतु हमें विदेशी निर्यात पर निर्भर रहना पड़ता है, ऐसी वस्तुओं के स्वदेशी निर्माण के लिए आवश्यक कदम उठाये जाएँ। उन्होंने यह भी कहा की ई कॉमर्स कंपनियों द्वारा विदेशी सामान बेचा जा रहा है, उन पर भी कढ़ाई से लगाम कसी जाये।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि यह अपील छोटे व्यापारियों, लघु उद्योग और विनिर्माताओं की भावना से पूरी तरह मेल खाती है, जो वास्तव में भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। उन्होंने कहा, “हर विदेशी उत्पाद जिसे हम देशी विकल्प से बदलते हैं, वह हमारे देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करता है, रोजगार पैदा करता है और आयात पर हमारी निर्भरता को कम करता है।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि मौजूदा वैश्विक परिप्रेक्ष्य में, जब आपूर्ति श्रृंखलाएं बदल रही हैं और देश विश्वसनीय साझेदारों की तलाश में हैं, भारत को इस अवसर का लाभ उठाते हुए वैश्विक विनिर्माण और सेवा केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए—और यह कार्य हमारे उद्यमियों के नेतृत्व में होना चाहिए। “हमें अब ‘स्वदेशी’ को केवल भावना नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आर्थिक रणनीति बनाना होगा,” श्री खंडेलवाल ने कहा।
उन्होंने उपभोक्ताओं से आह्वान किया कि वे सोच-समझकर खरीदारी करें और दैनिक आवश्यकताओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, परिधान, खिलौने, फर्नीचर से लेकर डिजिटल सेवाओं तक, हर क्षेत्र में भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता दें। साथ ही उन्होंने ई-कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म्स, रिटेलर्स और कॉर्पोरेट्स से आग्रह किया कि वे अपने प्लेटफ़ॉर्म और दुकानों पर भारतीय उत्पादों को प्रमुखता दें।
श्री खंडेलवाल ने कहा की प्रधानमंत्री मोदी की यह अपील केवल एक नारा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक आर्थिक दिशा है।यदि घरेलू मांग विदेशी उत्पादों से हटकर भारतीय उत्पादों की ओर मुड़ती है, तो MSMEs और स्थानीय विनिर्माताओं को बड़ा लाभ मिलेगा। अब समय आ गया है कि भारतीय उपभोक्ता ‘वोकल फॉर लोकल’ के ब्रांड एंबेसडर बनें।सरकार को भी नीति समर्थन, सरकारी खरीद में प्राथमिकता और प्रोत्साहन देना चाहिए ताकि देश में उत्पादन को बढ़ावा मिले।
“यह एक निर्णायक क्षण है। यदि हर भारतीय यह संकल्प ले कि वह केवल भारतीय उत्पाद ही खरीदेगा, तो हम जमीनी स्तर से एक नई आर्थिक क्रांति की पटकथा लिख सकते हैं।” — कहा खंडेलवाल ने
Recent Latest News
- कैप्टन स्मित मच्छार को ‘सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक’ से सम्मानित किया जाए: कैट प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी से विशेष आग्रह
- Captain Smit Machhar should be conferred the “Sarvottam Jeevan Raksha Padak”: CAIT* Special appeal to Prime Minister Shri Narendra Modi Ji
- एमडीआर के विरोध में ‘नो यूपीआई डे’ का आह्वान वापस यूपीआई मुद्दे पर देश भर के वरिष्ठ व्यापारिक नेताओं के प्रतिनिधिमंडल ने वित्त मंत्री से की मुलाकात
- MDR No UPI Day” Call Withdrawn Senior Trade Delegation Meets Finance Minister on UPI
- नए ई-कॉमर्स नियम अधिक पारदर्शिता, निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा और जवाबदेही सुनिश्चित करेंगे: खंडेलवाल कैट ने ऐतिहासिक सुधारों का स्वागत किया, प्रिडेटरी प्राइसिंग, एफडीआई उल्लंघनों और पक्षपातपूर्ण व्यवहार पर सख्त कार्रवाई की मांग की