वन नेशन, वन इलेक्शन” के समर्थन में कैट चलाएगा राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में व्यापारिक संगठनों द्वारा सिविल सोसाइटी के साथ होगी राष्ट्रीय चर्चा
देश में अब तक के सबसे बड़े चुनाव सुधार को करने की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा “वन नेशन, वन इलेक्शन” (एक राष्ट्र, एक चुनाव) का आह्वान किया गया है जिसको देश भर से व्यापक रूप से समर्थन मिल रहा है ।प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस ऐतिहासिक पहल के समर्थन में कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) ने देश भर में एक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करने की घोषणा की है जिसके ज़रिए सभी राज्यों में फैले व्यापारी संगठनों के माध्यम से कैट सिविल सोसाइटी के अन्य वर्गों के संगठनों के साथ मिलकर एक राष्ट्रीय चर्चा शुरू करेगा।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री महामंत्री तथा चांदनी चौक के सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी का यह एक अत्यंत ही दूरदर्शी कदम है, जो देश में राजनीतिक स्थिरता, आर्थिक मजबूती और सुशासन को सुनिश्चित करेगा वहीं दूसरी ओर देश के व्यापारिक ढांचे को भी स्थिर एवं सुदृढ़ बनाएगा।
श्री खंडेलवाल ने बताया कि इस अभियान के तहत देशभर में हजारों विभिन्न व्यापारिक संगठनों के माध्यम से सेमिनार, वर्कशॉप और संवाद सत्रों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें चुनाव सुधारों, आर्थिक प्रभाव और समाज तथा व्यापार जगत पर सकारात्मक प्रभाव जैसे विषयों पर चर्चा की जाएगी। यह अभियान आगामी 10 अप्रैल से कैट दिल्ली से शुरू करेगा तथा प्रथम चरण में देश के सभी राज्यों की राजधानियों, दूसरे चरण में सभी राज्यों के प्रमुख व्यापारिक शहरों तथा तीसरे चरण में अधिकतर जिलों के स्तर पर यह कार्यक्रम अभियान आयोजित किया जाएगा। कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया के नेतृत्व में एक 15 सदस्यीय राष्ट्रीय अभियान कमेटी गठित की गई है।
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बी सी भरतिया का मानना है कि बार-बार चुनाव होने से देश की आर्थिक प्रगति बाधित होती है, सरकारी नीतियों का कार्यान्वयन धीमा हो जाता है और व्यापारिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर पड़ता है। यदि लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराए जाएँ, तो इससे व्यापार, उद्योग और अर्थव्यवस्था को स्थिरता मिलेगी, साथ ही सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में मदद मिलेगी।
अभियान की मुख्य विशेषताएँ:
कैट के चेयरमैन श्री ब्रजमोहन अग्रवाल ने बताया कि कैट द्वारा देशभर में चलने वाले इस जागरूकता अभियान में यापारिक संगठनों के माध्यम से “वन नेशन, वन इलेक्शन” की जानकारी आम जनता और व्यापारियों तक पहुँचाई जाएगी वहीं सम्मैलन, सेमिनार और वर्कशॉप आयोजित कर विभिन्न राज्यों में चुनाव एवं आर्थिक विशेषज्ञों तथा राजनेताओं के साथ परिचर्चाएँ आयोजित की जाएँगी। इस अभियान में विशेषज्ञों की भागीदारी को सुनिश्चित करने के लिए कैट चुनाव सुधार विशेषज्ञ, अर्थशास्त्री, कानूनी विशेषज्ञ और नीति निर्धारकों के साथ संपर्क कर रहा है।
श्री भरतिया ने बताया कि क्योंकि इस चुनाव सुधार का व्यापक प्रभाव देश के व्यापार पर पड़ेगा, इसलिए व्यापारियों की राय लेने के लिये देशभर के व्यापारियों से सुझाव और समर्थन जुटाए जाएँगे।
श्री खंडेलवाल ने कहा की “वन नेशन, वन इलेक्शन से देश का लोकतांत्रिक ढांचा और मजबूत होगा, विकास कार्यों की रफ्तार तेज़ होगी और व्यापार जगत को स्थिरता मिलेगी। बार-बार चुनाव होने से सरकारी मशीनरी पर भारी आर्थिक बोझ पड़ता है और प्रशासन ठप हो जाता है। देश भर के व्यापारी कैट के झंडे तले इस ऐतिहासिक पहल का पूर्ण समर्थन करता है और इसे सफल बनाने के लिए देशभर में व्यापक जनजागरण अभियान चलाएगा।”
कैट का यह अभियान व्यापारी वर्ग, सिविल सोसाइटी, नागरिक, समाज और नीति निर्धारकों को एक मंच पर लाकर “वन नेशन, वन इलेक्शन” की आवश्यकता पर सार्थक संवाद स्थापित करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के इस दूरदर्शी कदम से देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और आर्थिक ढाँचा मजबूत होगा, जिससे भारत वैश्विक स्तर पर एक नई शक्ति बनकर उभरेगा।
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