लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने संसद भवन में रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों को किया संबोधित
आज संसद भवन में देश की विभिन्न रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों की एक महत्वपूर्ण बैठक लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी की पहल पर आयोजित की गई। बैठक में चांदनी चौक से सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस मीटिंग में श्री रामलीला महासंघ के अध्यक्ष श्री अर्जुन कुमार तथा महामंत्री श्री सुभाष गोयल भी शामिल हुए।
अपने संबोधन में लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने कहा कि रामलीला केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सनातन परंपराओं, नैतिक मूल्यों और सामाजिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सदियों से चली आ रही रामलीला की परंपरा ने भारतीय समाज को मर्यादा, कर्तव्य, त्याग, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया है तथा इसका संरक्षण और निरंतरता सुनिश्चित करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
श्री बिरला ने कहा कि देशभर की रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति और लोक परंपराओं की सशक्त वाहक हैं। इन समितियों ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी भगवान श्रीराम के आदर्शों और जीवन मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आधुनिकता के इस दौर में भी हमारी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक आयोजनों को नई पीढ़ी से जोड़ने के लिए नवाचार, तकनीक और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि रामलीला सामाजिक समरसता, राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने का एक प्रभावी माध्यम है। समाज के विभिन्न वर्गों को एक मंच पर लाकर यह आयोजन भारतीय जीवन दर्शन की व्यापकता और समावेशी भावना को सुदृढ़ करता है।
बैठक में उपस्थित रामलीला समितियों के प्रतिनिधियों ने अपने सुझाव एवं अनुभव साझा किए तथा रामलीला के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया।
इस अवसर पर सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा, “रामलीला भारत की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत उत्सव है। यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कारों और राष्ट्रीय चरित्र का प्रतिबिंब है। लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला जी द्वारा रामलीला समितियों को संसद भवन में आमंत्रित कर संवाद स्थापित करना हमारी सांस्कृतिक विरासत के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। रामलीला समितियाँ भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर की संरक्षक हैं और इनके माध्यम से भगवान श्रीराम के आदर्श समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचते हैं। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि यह गौरवशाली परंपरा आने वाली पीढ़ियों तक और अधिक सशक्त रूप में पहुंचे।”
श्री खंडेलवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बिरला के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में देशभर की रामलीला समितियों को नई ऊर्जा और दिशा प्राप्त होगी तथा भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को और अधिक मजबूती मिलेगी।
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