आप नेता सौरभ भारद्वाज के बयान पर कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल की कड़ी प्रतिक्रिया
कॉन्फ़ेडरेशन ऑफ़ ऑल इंडिया ट्रेडर्स ( कैट) द्वारा गत 2 मई को व्यापारी सम्मैलन के आयोजन के संबंध में आप नेता श्री सौरभ भारद्वाज का बयान पूर्णतः भ्रामक एवं राजनीति से प्रेरित है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं भाजपा सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल ने उनके बयान का जबरदस्त प्रतिकार करते हुए कहा कि कोई भी दिल्ली का बाजार न तो शिफ्ट होगा और न ही हटाया जाएगा, बल्कि उसी स्थान पर पुनर्विकसित किया जाएगा ताकि व्यापारियों को नई व्यापारिक संभावनाएं मिल सकें और आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जा सकें।वर्ष 2011 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार द्वारा केमिकल व्यापार को नरेला तथा पेपर व्यापार को गाजीपुर शिफ्ट किया गया था लेकिन आज भी 14 वर्ष बीट जाने के बाद भी अभी तक बाज़ार शिफ्ट नहीं हो पाए हैं ।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि आप पार्टी कभी भी व्यापारियों की हितैषी नहीं रही। इसका सबसे बड़ा उदाहरण चांदनी चौक का पुनर्विकास है। वहाँ सौंदर्यीकरण के नाम बड़ा घोटाला हुआ और व्यापार बर्बाद हो गया। बिना लोडिंग और अनलोडिंग की सुविधा के कोई भी बाजार कैसे काम करेगा? यह व्यवस्था केजरीवाल सरकार की थी । आज चाँदनी चौक का व्यापार कराह रहा है । पिछले दस सालों में एक भी बार आप सरकार ने व्यापारियों के दर्द को नहीं समझा।
उन्होंने कहा की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने पाँच बाजारों को सुंदर और आधुनिक बनाने की बड़ी घोषणा की थी, लेकिन उनके कार्यकाल में एक जगह भी नहीं हिला न ही कोई काम हुआ और न ही कोई दिशा-निर्देश जारी हुए। उन्होंने शॉपिंग फेस्टिवल आयोजित करने की बात की थी, लेकिन वो भी सिर्फ घोषणा बनकर रह गई।
इसके विपरीत, दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने मात्र 70 दिनों में दिल्ली के व्यापारियों से तीन बार मुलाकात की और अनेक व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधिमंडल ने उनसे व्यक्तिगत रूप से चर्चा की और उनकी समस्याओं को बारीकी से समझा।
केजरीवाल सरकार के पूरे कार्यकाल में व्यापारियों के साथ एक भी बैठक नहीं हुई। यह उनकी व्यापार-विरोधी सोच को दर्शाता है।
2 मई को हुई बैठक में श्रीमती रेखा गुप्ता ने व्यापारी कल्याण बोर्ड के गठन की घोषणा की, जो व्यापारियों के हित में एक ऐतिहासिक कदम है। सवाल यह है कि केजरीवाल को ऐसा बोर्ड बनाने से किसने रोका?
केजरीवाल सीलिंग से प्रभावित दुकानों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया और न ही 351 सड़कों को अधिसूचित किया गया। फिर भी वे खुद को व्यापारियों का मित्र बताते हैं, जो हास्यास्पद है।
व्यापारी अब समझ चुके हैं कि कौन उनके साथ है और कौन सिर्फ खोखली राजनीति करता है। अब समय है कि व्यापारियों के साथ छल करने वालों को जवाब दिया जाए कहा श्री खंडेलवाल ने !
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