कर्तव्य भवन – कर्तव्यनिष्ठ शासन का प्रतीक स्मारक : खंडेलवाल
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा कर्तव्य भवन का उद्घाटन केवल एक नए सरकारी भवन का लोकार्पण नहीं है, बल्कि यह एक शक्तिशाली संदेश का प्रतीक है कि “नए भारत में शासन व्यवस्था का आधार कर्तव्य, राष्ट्र सर्वोपरि और जनसेवा ही होना चाहिए।”
यह कहना है चांदनी चौक से भाजपा सांसद श्री प्रवीन खंडेलवाल का, जिन्होंने कर्तव्य भवन के उद्घाटन को प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का एक और ऐतिहासिक उदाहरण बताया।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व भारत की प्रशासनिक व्यवस्था की मूल आत्मा को नए सिरे से परिभाषित कर रहा है। अत्याधुनिक सुविधाओं, विश्वस्तरीय ढांचे और टिकाऊ डिज़ाइन से युक्त कर्तव्य भवन यह दर्शाता है कि यह सरकार न केवल भविष्य के लिए तैयार है, बल्कि पारदर्शिता, सुगमता और कुशलता के लिए गहराई से प्रतिबद्ध भी है।
उन्होंने आगे कहा कि “कर्तव्य भवन” नाम रखकर प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि इस भवन में प्रवेश करने वाला हर अधिकारी, नीति निर्माता और जनसेवक राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और नैतिक मूल्यों की भावना के साथ कार्य करे। यह भवन उत्तरदायी और कर्तव्यपरायण शासन का प्रकाशस्तंभ बनकर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा।
श्री खंडेलवाल ने कहा कि इस तरह की इमारतें केवल ईंट और पत्थर की संरचना नहीं होतीं—यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती, संस्थाओं को सशक्त बनाने और नागरिकों को व्यवस्था से जोड़ने का माध्यम बनती हैं। कर्तव्य भवन नीति निर्माण, क्रियान्वयन और जन संवाद का एक सशक्त केंद्र बनेगा, जो भारत के अगले विकास अध्याय को आकार देगा।
अंत में श्री खंडेलवाल ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी के उस अटल संकल्प को नमन करते हैं जो भारतीय मूल्यों पर आधारित, लेकिन वैश्विक मानकों से मेल खाता हुआ शासन तंत्र स्थापित कर रहा है। कर्तव्य भवन एक बार फिर यह सिद्ध करता है कि प्रधानमंत्री मोदी प्रतीकवाद और सशक्त कार्यनीति के अद्भुत संतुलन के अग्रदूत हैं।यह भवन वास्तव में सेवा, संकल्प और सशक्त भारत का प्रतीक है।
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