ऋण वसूली एवं डिवाइस लॉकिंग पर आरबीआई के दिशा-निर्देश नैतिक डिजिटल फाइनेंसिंग की दिशा में ऐतिहासिक सुधार
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट ) एवं ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (एमरा ) ने भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई ) द्वारा स्मार्ट डिवाइस फाइनेंसिंग क्षेत्र में ऋण वसूली प्रक्रियाओं एवं डिवाइस लॉकिंग मानकों को लेकर जारी किए गए दिशा-निर्देशों का जोरदार स्वागत किया है। दोनों संगठनों ने इसे एक ऐतिहासिक, प्रगतिशील एवं दूरदर्शी कदम बताते हुए कहा कि इससे तेजी से बढ़ते डिजिटल क्रेडिट बाजार में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक अनुशासन स्थापित होगा।
सांसद एवं कैट के राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि आरबीआई की यह पहल उपभोक्ता सम्मान की रक्षा करते हुए वित्तीय संस्थानों और खुदरा व्यापारियों के वैध हितों को भी सुरक्षित रखने वाली संतुलित एवं दूरदर्शी नियामकीय सोच को दर्शाती है।
ऐमरा के चेयरमैन कैलाश लख्यानी ने कहा कि प्रस्तावित ढांचा स्पष्ट समय-सीमाएं और निर्धारित प्रक्रियाएं तय करता है, जिसमें 90 दिनों की बकाया अवधि तथा किसी भी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई से पूर्व अनिवार्य अग्रिम सूचना जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। उन्होंने विशेष रूप से RBI के उस निर्णय की सराहना की, जिसके तहत डिवाइस लॉक होने की स्थिति में भी मोबाइल फोन की आवश्यक सुविधाएं, जैसे आपातकालीन संचार एवं मूलभूत कनेक्टिविटी, चालू रहेंगी। यह प्रावधान उपभोक्ताओं के संचार एवं सुरक्षा के मौलिक अधिकार को मजबूत करता है।
श्री खंडेलवाल ने आगे कहा कि ये दिशा-निर्देश मनमानी एवं कठोर वसूली प्रक्रियाओं पर रोक लगाने में सहायक होंगे, जिनसे अब तक उपभोक्ताओं को मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ता था तथा रिटेल बाजार में भ्रम की स्थिति बनती थी। इससे डिजिटल फाइनेंसिंग योजनाओं के प्रति उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ेगा और भारत की औपचारिक रिटेल एवं फिनटेक अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
खंडेलवाल ने कहा, “आरबीआई ने उपभोक्ता गरिमा और व्यापारिक विकास के बीच संतुलन स्थापित करते हुए अत्यंत संवेदनशील एवं दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाया है। ये दिशा-निर्देश जिम्मेदार ऋण वितरण, नैतिक वसूली प्रणाली तथा डिजिटल फाइनेंसिंग इकोसिस्टम में विश्वास को बढ़ावा देंगे। हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष रूप से आभार व्यक्त करते हैं, जो निरंतर ‘ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस’, उपभोक्ता संरक्षण और पारदर्शी शासन को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसकी स्पष्ट झलक ऐसे प्रगतिशील सुधारों में दिखाई देती है।”
कैलाश लखयानी ने कहा, “देशभर के मोबाइल रिटेलर्स के लिए यह अत्यंत सकारात्मक एवं भरोसा बढ़ाने वाला कदम है। यह सुव्यवस्थित ढांचा एक स्वस्थ, संगठित और भरोसेमंद बाजार वातावरण तैयार करेगा, जिसमें रिटेलर्स, उपभोक्ता और वित्तीय संस्थान अधिक पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य कर सकेंगे। ऐमरा ने लगातार मानकीकृत रिकवरी एवं डिवाइस लॉकिंग नियमों की आवश्यकता को उठाया था और हमें खुशी है कि RBI ने व्यावहारिक एवं उपभोक्ता हितैषी दृष्टिकोण अपनाया है।”
दोनों व्यापारिक संगठनों ने यह भी कहा कि इस विषय पर नीति-निर्माताओं के साथ उनके सक्रिय संवाद तथा RBI गवर्नर के समक्ष पारदर्शी एवं संरचित दिशा-निर्देशों की आवश्यकता को मजबूती से उठाने का महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जिससे देशभर में निष्पक्ष व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा मिला।
कैट और ऐमरा ने विश्वास व्यक्त किया कि इन दिशा-निर्देशों के लागू होने के बाद भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, जिम्मेदार फिनटेक नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत एक विश्वसनीय एवं उपभोक्ता हितैषी बाजार के रूप में और अधिक सशक्त होकर उभरेगा।
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